बाराबंकी। आशा बहू स्वास्थ्य समिति (उत्तर प्रदेश) की जनपद इकाई ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन सोमवार को देवां रोड स्थित गांधी भवन में आयोजित मासिक बैठक के बाद दिया गया। इसमें जिले की आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने लंबे समय से लंबित भुगतान और विभिन्न समस्याओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। समिति की जिलाध्यक्ष सुनीता देवी ने बताया कि जून 2026 का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त, आभा आईडी और आयुष्मान गोल्डन कार्ड सहित कई अन्य योजनाओं का भुगतान भी लगभग दो वर्षों से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-कवच पोर्टल के माध्यम से बनाई गई हजारों आभा आईडी में से केवल लगभग 20 प्रतिशत का ही भुगतान हुआ है। आशा बहुओं ने मांग की है कि सभी लंबित भुगतान तत्काल किए जाएं।read more:https://pahaltoday.com/man-dies-in-road-accident-in-barhalganj/साथ ही, भुगतान का विवरण ब्लैकबोर्ड पर सार्वजनिक रूप से चस्पा किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। ज्ञापन में बताया गया कि आशा बहुएं संचारी रोग नियंत्रण अभियान, टीकाकरण, टीबी, पल्स पोलियो, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नसबंदी, अंतरा, कॉपर-टी, एचआरपी और पीपीआईयूसीडी जैसे अनेक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद, कई मदों का भुगतान रुका हुआ है। पिछले दो वर्षों से उन्हें दवा किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है, और 23 अगस्त को आयोजित होने वाला आशा सम्मेलन भी इस वर्ष नहीं किया गया। समिति की आठ सूत्रीय मांगों में सभी लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करना, आवश्यक दवा किट उपलब्ध कराना, प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी शिविर आयोजित करना और अस्पतालों में संस्थागत प्रसव तथा जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर होने वाली अवैध वसूली को रोकना शामिल है। आशा बहुओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।