सोनभद्र। जिले के परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सोमवार को जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों की समस्याओं को दबाकर या लंबित रखकर न छोड़ा जाए। समस्याओं की तत्काल जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जाए और विभागीय समन्वय से उनका समयबद्ध एवं स्थायी समाधान कराया जाए।जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं और विभिन्न विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण देने के लिए विद्यालय स्तर की समस्याओं की समय रहते पहचान जरूरी है। शिक्षक किसी समस्या को अपने स्तर तक सीमित न रखें, बल्कि तत्काल संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाएं। डीएम ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र के शिक्षकों से नियमित संवाद बनाए रखें। विद्यालयों की जरूरतों और वहां सामने आ रही समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता में होना चाहिए। विद्यालयों तक पहुंचने वाले खराब मार्गों की समस्या पर जिलाधिकारी ने विशेष जोर दिया।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जहां सड़क या संपर्क मार्ग के निर्माण अथवा मरम्मत की जरूरत है, वहां संबंधित विभाग से समन्वय कर कार्य को कार्ययोजना में शामिल कराने को कहा। डीएम ने कहा कि बच्चों और शिक्षकों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए विद्यालय तक बेहतर पहुंच मार्ग जरूरी है। इसके लिए विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के साथ कार्रवाई की जाए।
डीएमएफ के कार्यों की होगी जांच
जिलाधिकारी ने डीएमएफ फंड से विद्यालयों में कराए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और उपयोगिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। विद्यालयों में विद्युतीकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जिन विद्यालयों में अभी तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंची है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कराई जाए। विद्यालयों में विद्युत समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विद्यालय से लेकर ब्लॉक, तहसील और जनपद स्तर तक प्रभावी समन्वय जरूरी है। विद्यालयों की समस्याओं को समय से संज्ञान में लेकर उनका व्यावहारिक और स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।