अंतिम सोमवारी के मौके पर मंदिरों में रूद्राभिषेक सहित विभिन्न अनुष्ठानों तथा पूजन अर्चन के बीच श्रद्धालुओं ने अखण्ड दीप जलाया।
बाबा बालेश्वरनाथ मन्दिर,कैलाश धाम मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों के बाहर प्रसाद एवं फूलों,विल्वपत्र के अलावे भांग,धतूरें की दुकानें भी सजी थी।जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध बाबा बालेश्वरनाथ मन्दिर,कारो स्थित कामेश्वर नाथ महादेव मन्दिर(जहां महादेव ने कामदेव को भस्म किया था)।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/बांसडीह तहसील क्षेत्र के असेगा स्थित शोकहरण नाथ शिव मन्दिर,अवनिनाथ महादेव मन्दिर, लखनेश्वरडीह स्थित महादेव मंदिर,छितौनी में बाबा छितेश्वरनाथ शिव मन्दिर,शोभनाथ धाम स्थित शिव मन्दिर,रेवती में बुढ़वा शिव मन्दिर,घोंघा स्थित सैदनाथ महादेव मन्दिर सहित अन्य जगहों पर स्थित शिव मन्दिरों में भोर की प्रथम किरण फूटने से पूर्व ब्रम्ह बेला से ही भक्तों की भीड़ पूजा अर्चना करने के लिए उमड़ पड़ी।भिन्न-भिन्न जगहों पर स्थित विभिन्न मन्दिरों में शिव भक्तों ने जलाभिषेक करते हुए विधि विधान से फल ,फूल,बेलपत्र,भांग,धतूरा धूप,दीप,नैवैद्य ,अगरबती आदि से भोले शंकर की पूजा अर्चना करते हुए अपने अभीष्ट के लिए पूरे मनोयोग से पूजन-अर्चन कर शीश नवाया।