महिला उत्पीड़न की शिकायतों पर आयोग सख्त, त्वरित निस्तारण के निर्देश

Share

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चैधरी एवं सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सोमवार को सर्किट हाउस सभागार में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों का त्वरित, संवेदनशील और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध ढंग से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जनसुनवाई के बाद महिला कल्याण समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, महिला हेल्पलाइन-181 और चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र महिलाओं और बालिकाओं को योजनाओं एवं सहायता सेवाओं का समय से लाभ मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, ओडीओपी, आश्रम पद्धति विद्यालयों में प्रवेश एवं सुविधाओं, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की भी समीक्षा हुई।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष चारू चैधरी ने कहा कि सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र महिला तक पहुंचना चाहिए। महिला उत्पीड़न की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता दिलाने के लिए जनसुनवाई को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने जनपद में महिला अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की।
छात्राओं से किया संवाद
आयोग की उपाध्यक्ष चारू चैधरी एवं सदस्य गीता विश्वकर्मा ने उरमौरा स्थित विंध्य कन्या पीजी कॉलेज का भ्रमण किया। यहां उन्होंने छात्राओं से शिक्षा, सुरक्षा, अधिकार, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर संवाद किया। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर संबंधित अधिकारियों और हेल्पलाइन सेवाओं से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए शिक्षा के साथ जागरूकता भी जरूरी है। शिक्षित, जागरूक और आत्मविश्वासी बेटियां ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की मजबूत नींव तैयार करती हैं। इस अवसर पर महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती कुमारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह सहित संबंधित अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय की प्राचार्या, शिक्षिकाएं, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *