“हे मुख्यमंत्री महोदय कृपा करो,हमसे हमारा आनन्द न जुदा करो”

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बलिया। कलक्ट्रेट में सोमवार की दोपहर करीब एक बजे पेंशनर्स संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।इसके साथ ही परिवहन मंत्री को संबोधित निवर्तमान वरिष्ठ कोषाधिकारी आनन्द दूबे का स्थानान्तरण आदेश रद्द करने सम्बन्धी मांग पत्र डीएम प्रतिनिधि को दिया।इस दौरान पेंशनरों ने हाथ में “हमें आनन्द चाहिए”,हे मुख्यमंत्री महोदय कृपा करो,हमसे हमारा आनन्द न जुदा करो,हम लोगों का आनन्द वापस करो” आदि लिखे बैनर थे।पेंशनरों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बागी बलिया प्रथम जनपद है जिसको आनन्द दूबे, वरिष्ठ कोषाधिकारी जैसा सर्वप्रिय अधिकारी मिला।हम वृद्ध पेंशनरों की सुविधा एवं सम्मान हेतु निर्मित नये पेंशनर भवन का निर्माण एवं सुन्दरीकरण, बैठने हेतु मेज कुर्सी बाथरूम की व्यवस्था के साथ-साथ जन-सामान्य की सुविधा की उपलब्धता दूबे जी के अथक प्रयास से प्राप्त हुआ।जीवित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले तथा पेंशन से सम्बन्धित कार्य हेतु कोषागार बलिया में एक गिलास जल के साथ बैठने हेतु कुर्सी की मुहैय्या करायी गई।कोषागार बलिया परिसर के अन्तर्गत लगभग 2 एकड़ जमीन जो कचरा से ही नहीं पटा था बल्कि 5 फुट तक जंगल झाड़ मौजूद होने एवं गंदगी के कारण गंध से पर्यावरण भी दूषित हो रहा था, दूबे जी ने अथक प्रयास कर पेंशनर आनन्द उपवन का निर्माण हुआ। हम पेंशनरों, जिलाधिकारी, निदेशक कोषागार एवं पेंशन जनपद-लखनऊ एवं अपर निदेशक आजमगढ़ तथा अन्य द्वारा उपवन में विविध रंग के फूल के साथ समय समय पर वृक्षारोपण होता रहा है।पार्क के अन्तर्गत ही क्रांति कूप के नाम से प्रसिद्ध कुँआ जो कचरा से भरा पड़ा था 20 ट्राली साफ सफाई कराकर पर्यावरण में सहयोग प्रदान किया गया।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/यह कुँआ ऐतिहासिक है तथा इसी कुँए का जल ग्रहण वीर सेनानी संघर्ष को धार दिए तथा जनपद-बलिया को भारत वर्ष के आजाद होने से पूर्व ही आजाद होने का गौरव प्राप्त हुआ। हम पेंशनरों के इच्छा के अनुरूप भोले शंकर बाबा की मूर्ति की स्थापना होनी है इस पुनीत कार्य हेतु बेस का निर्माण हो चुका है। मूर्ति हेतु अग्रिम धनराशि मूर्तिकार को मुहैय्या कराया गया है। पार्क के चहार दिवारी के दोनों तरफ पर्यावरण से छवि देखते ही मन आनन्दित हो जाता है। कोषागार परिसर में स्थित श्री न्यायेश्वर महादेव मंदिर जो सैकड़ों वर्ष पुराना है, का जीर्णोद्धार एवं सुन्दरीकरण हम पेंशनरों, जनता के सहयोग एवं दूबे जी के निर्देशन में रूचि के अनुसार कराया गया है। 20 जून 2026 को पेंशनर भवन में दूबे जी का जन्म दिन, पेंशनरों द्वारा मनाया गया, इसी बीच संज्ञान में आने पर समस्त संगठनों द्वारा अपने-अपने स्तर से केक, स्मृति चिन्ह अंगवस्त्र, गुलदस्ता, मिष्ठान के साथ लगभग 500 के आस पास वृद्ध पेंशनर जुट गये। पेंशनर भवन में तत्काल बिजली चले जाने उमश भरी गर्मी के कारण वरिष्ठ कोषाधिकारी के चेम्बर उनको साथ लेकर, आकर स्वास्थ्य के प्रति सजगता से जन्मदिन मनाने लगा तभी संज्ञान में आया कि दूबे जी की धर्मपत्नी कोषागार परिसर में स्थित न्यायेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना कर रही है। कुछ वरिष्ठ पेंशनर जाकर आदर पूर्वक कोषागार में ले आये और दूबे जी के साथ उनको भी सम्मानित किया गया। सोशल मिडिया के माध्यम से प्रसारित कर दिया कि कोषागार के अन्तर्गत दूबे जी अपनी पत्नी के साथ जन्मदिन मनाये। सरकार एवं शासन ने इसे अन्यथा लेकर दूबे जी को शासन स्तर से निर्गत आदेश के द्वारा निदेशक कोषागार लखनऊ से सम्बद्ध करने सम्बन्धी आदेश निर्गत कर दिया गया।पेंशनरों ने मांग किया कि वर्णित उपरोक्त बिन्दुओं का संज्ञान लेते हुए आनन्द दूबे, वरिष्ठ कोषाधिकारी, बलिया की सम्बद्धता जो निदेशक, कोषागार लखनऊ से निरस्त करने सम्बंधी आदेश निर्गत किया जाय।

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