किरतपुर । दसलक्षण पर्व के पावन अवसर पर श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला लगातार जारी है। पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं द्वारा उत्तम आर्जव धर्म की विशेष पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की गई।इससे पूर्व, मंदिर जी में सुबह सर्वप्रथम भगवान का जलाभिषेक व शांतिधारा संपन्न हुई। इसके पश्चात नित्य नियम पूजा करने के बाद समाज के लोगों ने उत्तम आर्जव धर्म की सामूहिक पूजा की और अर्घ्य समर्पित किए।इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उत्तम आर्जव धर्म का महत्व समझाया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/उन्होंने बताया कि अपने जीवन से मायाचारी, छल-कपट और कुटिलता का त्याग कर मन, वचन और काय (शरीर) में एकरूपता व सरलता लाना ही उत्तम आर्जव धर्म है। जो व्यक्ति भीतर कुछ और बाहर कुछ रखता है, वह कभी सच्चा सुख प्राप्त नहीं कर सकता। सुखी और शांत जीवन के लिए मन का निष्कपट होना बेहद जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र जैन,अनिल जैन,अरविन्द जैन,संजय जैन सीमेंट वाले,सुनील जैन,नीरज जैन,यतेंद्र जैन,रोहित जैन,प्रदीप जैन,कमल जैन, अविनाश जैन,अभिषेक जैन, आकाश जैन,गौरव जैन,अंकुर जैन,हनी जैन,सविता जैन,बबीता जैन,रजनी जैन, शालिनी जैन,नीलम जैन,कुमकुम जैन,नैंसी जैन,मंजू जैन,अंजलि जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला-पुरुष व श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भक्तिभाव से धर्म लाभ अर्जित किया।