बलिया। फेफना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के दर्जनों ग्रामीण गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने बढ़वलिया बंधे पर निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी दिए जाने तथा वहां स्लिप रोड का निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों के साथ फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव भी कलेक्ट्रेट पहुंचे और उनकी मांग का समर्थन किया।ग्रामीणों का कहना था कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण क्षेत्र के विकास और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। ऐसे में आसपास के गांवों के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलना आवश्यक है। ग्रामीणों ने कहा कि बढ़वलिया बंधे पर यदि एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराते हुए स्लिप रोड का निर्माण कराया जाता है तो फेफना विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान स्थिति में यदि एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी गांवों से करीब 20 किलोमीटर दूर दी जाती है तो इसका उद्देश्य काफी हद तक प्रभावित होगा। ग्रामीणों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत होगी।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/ उन्होंने कहा कि बढ़वलिया बंधे पर कनेक्टिविटी मिलने से आसपास के कई गांवों के लोगों को कम दूरी में एक्सप्रेसवे तक पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी।इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे केवल बड़े शहरों और प्रमुख मार्गों को जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के आम लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण परियोजना है। इसलिए इसके निर्माण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की सुविधाओं और आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।फेफना विधायक संग्राम सिंह यादव ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि बढ़वलिया बंधे पर कनेक्टिविटी और स्लिप रोड बनने से क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और विभाग के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा बढ़वलिया बंधे पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी सुनिश्चित कराई जाए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लोग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि दर्जनों गांवों के हजारों लोगों की सुविधा और क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई।