रेवती (बलिया) बाबाधाम गयी थी,वहीं हमारा लड़का खो गया। आज दस दिन हो गये लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल सका है।मुझ विधवा का वहीं एक मात्र सहारा था। यह कहना है बलिया के गायघाट निवासी उस विधवा महिला मीना देवी का जिसका बेटा देवघर बाबा वैद्यनाथ धाम में बीते 07 अगस्त को बिछड़ गया था। और अभी तक घर वापस नहीं आया है। दरअसल बीते 06 अगस्त को बलिया के गायघाट से 10 महिला-पुरूष देवघर बाबा वैद्यनाथ धाम को जलाभिषेक के लिए निकले थे। उसी में मीना देवी पत्नी स्व.शिव प्रसाद जी केशरी और उसका 20 वर्षीय पुत्र आयुष उर्फ मुन्ना केशरी जो सीधा-साधा है,शामिल थे।
read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/मीना ने रोते हुए बताया कि 07 अगस्त को करीब एक बजे टीम में शामिल देवान्ती देवी का पैर टूट गया। जिसका इलाज हम सभी नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर करा रहे थे। इसी बीच आयुष का साथ छूट गया।मीना ने बताया कि मेरे पति की मृत्यु करीब 14 वर्ष पहले ही हो चुकी है।बड़ा बेटा बलिराम शादी के बाद अपने ससुराल ही रहता है। मैं और आयुष ही घर रहते थे। आयुष कहीं से कुछ कमा कर लाता था।जिससे हम दोनों का गुजारा हो जाता था। आयुष ही मेरा एक मात्र सहारा है।बताया कि आयुष का मोबाइल भी उस समय मेरे पास था।रोते हुए कहा कि पता नहीं मेरा बच्चा किस हाल में होगा।वह बहुत कम बोलता है और बहुत ही सीधा-साधा है।