बलिया। रामगढ़ गंगापुर स्थित महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम में स्वतंत्रता दिवस श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में गुरुकुल के बटुकों, आचार्यों एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल के बटुकों द्वारा राष्ट्र मंत्र का सामूहिक पाठ किया गया। इसके पश्चात राष्ट्र के कल्याण, उन्नति, शांति एवं समृद्धि की कामना से हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। वैदिक परंपरा और राष्ट्रभक्ति के इस सुंदर समन्वय ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।इस अवसर पर गुरुकुल के आचार्यों ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। आचार्यों ने बच्चों को स्वतंत्रता के इतिहास, उसके संघर्ष और उसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/आचार्यों ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य का भी बोध कराती है। राष्ट्र की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब नई पीढ़ी शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सेवा, सत्य और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का आधार बनाए।उन्होंने कहा कि वैदिक गुरुकुल परंपरा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे चरित्रवान एवं संस्कारवान युवाओं का निर्माण करना है, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।कार्यक्रम में बटुकों ने राष्ट्र की अखंडता, संस्कृति और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के उद्घोष से राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा।गुरुकुल परिवार की ओर से देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और राष्ट्र के निरंतर उत्थान, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की गई।