उन्नाव नवाबगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कई महीनों से महिला चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र की महिला मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्त्री एवं प्रसूति संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए आने वाली महिलाओं को उचित परामर्श और उपचार नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां इलाज पर अधिक खर्च करना पड़ता है।क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और प्रत्येक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा कर रही है, लेकिन नवाबगंज सीएचसी में लंबे समय से महिला चिकित्सक का पद खाली होने से सरकार के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और स्त्री रोग से पीड़ित मरीजों को हो रही है। कई महिलाएं संकोचवश पुरुष चिकित्सक को अपनी समस्या बताने से भी बचती हैं, जिससे समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द महिला चिकित्सक की नियुक्ति की जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों महिलाओं को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें तथा उन्हें निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने के लिए मजबूर न होना पड़े।
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जल्द होगी महिला चिकित्सक की तैनाती-सीएमओ
नवाबगंज उन्नाव।इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा से वार्ता की गई तो उनका कहना था कि”नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शीघ्र ही महिला चिकित्सक की व्यवस्था की जाएगी। विभाग इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर रहा है, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।”
आश्चर्य! कटेहरू पीएचसी में महिला चिकित्सक, सीएचसी में नहीं
नवाबगंज उन्नाव। सरकार की मंशा है की गरीब तबके लोगों को सही उपचार सुविधा मिल सके लेकिन अधिकारियों की लापरवाही व धन उगाही के चक्कर में गरीबों को सही उपचार सुविधा नहीं मिल पा रही है इसका ज्वलंत उदाहरण नवाबगंज सीएचसी में देखा जा सकता है जहां सीएचसी से समृद्ध कटेहरू पीएचसी में महिला चिकित्सक रुचि त्रिपाठी तैनात है और सीएचसी में कोई भी महिला चिकित्सक नहीं जहां सैकड़ो महिलाएं प्रतिदिन बिना उपचार के लौट रहे हैं।