सहारनपुर। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चैहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति एवं संचारी रोग नियंत्रण तथा ‘घर-घर दस्तक’ अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के नियमित टीकाकरण में खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों के चिकित्सा अधीक्षकों (एमओआईसी) को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ऐसे क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। निरंतर टीकाकरण अभियान में कमजोर प्रगति पर खाताखेड़ी के प्रभारी को पद से हटाने के निर्देश भी दिए गए।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/ वहीं टीकाकरण निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने और उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित रहने वाले डीपीएम और डीपीसीएम के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत चिन्हित बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्वास्थ्य संकेतकों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों से समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कहीं भी कूड़े के ढेर, गंदगी या जलभराव की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने के लिए जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी, झाड़ियों की सफाई और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, परियोजना निदेशक प्रणय कृष्ण, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ सहित सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।