संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की तैयारियों पर हुई चर्चा

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सोनभद्र। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण के सफल संचालन को लेकर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय प्रथम अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक में ग्राम विकास, नगर पालिका एवं नगर पंचायत, पशुपालन, स्वास्थ्य, कृषि, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सूचना, उद्यान तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा किया गया। इस दौरान वीबीडी कंसल्टेंट द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की गाइडलाइन एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालयों में प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव, हाथ धोने की सही विधि तथा पूर्ण आस्तीन की वर्दी पहनने के प्रति जागरूक किया जाए। विद्यालयों में हैंडवॉश की उपलब्धता, किचन की नियमित साफ-सफाई और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/complex-disease-care/ साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में समस्त अधिशासी अधिकारियों को नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जल निकासी और कचरा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग एवं वेक्टर नियंत्रण गतिविधियों को साप्ताहिक कार्ययोजना के अनुसार संचालित करने तथा उसकी रिपोर्ट साझा करने को कहा गया। ग्राम विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई कराने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधानों से अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। पशुपालन एवं कृषि विभाग को स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस जैसे रोगों की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्य विभाग को मानसून के दौरान कटे फल एवं मानकविहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा गया। उद्यान विभाग को सार्वजनिक स्थलों एवं कार्यालय परिसरों में तुलसी, लेमनग्रास, पुदीना और गेंदा जैसे मच्छर विकर्षी पौधों का रोपण कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर माइक्रोप्लान तैयार कर अभियान की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया। बैठक के अंत में मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

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