इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सलिल पाण्डेय, विश्वजीत दुबे और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम ओझा शामिल रहे।
मुलाकात का मुख्य उद्देश्य मिर्ज़ापुर में ‘रजिस्ट्रार सोसाइटी एंड चिट फंड’ का कार्यालय खुलवाना है। घनश्याम ओझा ने बताया कि मंडल बनने के तीन दशक बाद भी यहाँ कार्यालय नहीं है, जिसके कारण मिर्ज़ापुर, भदोही और सोनभद्र के लोगों को वाराणसी जाना पड़ता है।read more:https://khabarentertainment.in/saharanpur-lucknow-passenger-train-expected-to-resume-operations/
प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को अवगत कराया कि वाराणसी के चक्कर काटने में जो काम तीन दिन में होना चाहिए, उसमें तीन महीने लग जाते हैं। इससे जनता की धनहानि और समय की बर्बादी हो रही है। इस दौरान मानवाधिकार अधिवक्ता संघ के सदस्य भी साथ मौजूद रहे।इसके अलावा, सलिल पाण्डेय और विश्वजीत दुबे के साथ आए इस दल ने स्कूलों के बकाया आरटीई भुगतान, स्कूली वाहनों के रजिस्ट्रेशन और स्कूलों में कमर्शियल बिजली बिल की जगह साधारण दरें लागू करने की चार सूत्री मांग रखी।मांगों को सुनने के बाद मंडलायुक्त ने उचित प्रयास करने का आश्वासन दिया है। हालांकि चिट फंड कार्यालय को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतें बताई गई हैं, लेकिन प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का सकारात्मक समाधान निकलेगा।