बड़हलगंज क्षेत्र में आयुष चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर लगे आरोपों का संबंधित संगठन ने खंडन किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि क्षेत्र में कोई भी ऐसा अस्पताल संचालित नहीं है, जो पंजीकरण या निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर रहा हो।read more:https://khabarentertainment.in/power-supply-disrupted-due-to-storm-restored-after-16-hours/
संगठन ने स्पष्ट किया कि आयुष चिकित्सक शासन के निर्देशों और नियमों का पालन करते हुए अपनी चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। वे आवश्यकतानुसार आधुनिक चिकित्सा के तत्वों का भी उपयोग कर मरीजों का उपचार जिम्मेदारी और दक्षता के साथ कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।संगठन ने एक यूट्यूब चैनल द्वारा लगाए गए आरोपों को भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। “वॉयस ऑफ आयुर्वेद” के अध्यक्ष डॉ. जेपी पांडेय ने कहा कि ऐसी खबरें आयुष और एलोपैथिक दोनों चिकित्सा पद्धतियों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। इससे चिकित्सक समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।डॉ. पांडेय ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो सकेगी। संगठन ने भविष्य में ऐसी भ्रामक सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाने की भी अपील की है।संगठन के सचिव डॉ. बृजेश यादव के साथ डॉ. राहुल श्रीवास्तव, डॉ. एस.एन. सिंह और डॉ. नईम ने मीडिया से अपुष्ट और भ्रामक खबरें प्रसारित न करने की अपील की है। उन्होंने जोर दिया कि आयुर्वेद सहित सभी चिकित्सा पद्धतियां अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं और किसी भी पद्धति को कमतर आंकना अनुचित है।पदाधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में संचालित अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ और योग्य आयुष चिकित्सक कार्यरत हैं। वे मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं।