फार्मर रजिस्ट्री के बिना नहीं मिलेगा उर्वरक, किसान दिवस में उठी समस्याओं पर सख्त निर्देश

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गाजीपुर । विकास भवन के सभा कक्ष में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक विजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनपद के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।बैठक की शुरुआत में उप कृषि निदेशक द्वारा पिछली किसान दिवस की कार्यवाही एवं अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई। इसके बाद विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) सभी किसानों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। जनपद में अब तक लगभग 41,500 किसानों की आईडी बन चुकी है, जबकि शेष किसानों के लिए गांव-गांव अभियान चलाकर रजिस्ट्री पूर्ण कराई जा रही है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगामी खरीफ सीजन से उर्वरक का वितरण केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किया जाएगा। साथ ही बीज एवं खरपतवार नाशी दवाओं का वितरण भी सरकारी बीज गोदामों से सुनिश्चित किया जाएगा। ढैचा बीज की मांग पहले ही की जा चुकी है और उपलब्ध होते ही किसानों में प्राथमिकता के आधार पर वितरण किया जाएगा।read more:https://khabarentertainment.in/constitution-makers-birth-anniversary-celebrated-with-great-enthusiasm-in-sonanchal/बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि पिछले खरीफ सीजन में 47,000 बीमित किसानों में से 5,812 किसानों को कुल 3 करोड़ 18 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई। किसानों से अपील की गई कि वे समय से प्रीमियम जमा कर फसल बीमा का लाभ उठाएं।जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए धान, ढैचा एवं मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो) के बीज उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी ने फलदार पौधों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी।पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 15 अप्रैल से 15 मई तक गलाघोटू (एच.एस.) एवं अन्य रोगों के टीकाकरण अभियान चलाने की घोषणा की गई। साथ ही गो-आश्रय स्थलों से पशु लेने पर प्रति पशु 1500 रुपये मासिक सहायता की जानकारी भी दी गई।कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बीज उपचार, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।read more: https://khabarentertainment.in/birth-anniversary-of-bharat-ratna-baba-saheb-dr-bhimrao-ambedkar-celebrated-with-great-pomp/ वैज्ञानिकों ने बताया कि सही तकनीक और उन्नत बीजों के प्रयोग से उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है।बैठक में किसानों ने कई समस्याएं भी उठाईं। गेहूं खरीद केंद्रों पर बोरे की कमी, कम समर्थन मूल्य पर खरीद, जर्जर विद्युत तार, नहरों में पानी की कमी और फसल क्षति के मुआवजे में देरी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।बैठक में जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं सभी विकास खंडों के किसान उपस्थित रहे।

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