गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर शाम गाजीपुर में सपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बारिश के बीच धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया।धरने को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
उनका कहना था कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष के नेताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो समाजवादी पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज करेगी।लगातार हो रही बारिश भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे और सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।धरने में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, डॉ. समीर सिंह, महिला जिलाध्यक्ष विभा पाल, दिनेश यादव, चंद्रिका यादव, रामदरश यादव, तहसीन अहमद सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में अखिलेश यादव की शीघ्र रिहाई की मांग दोहराते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।