गाजीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी (दिवंगत) के आईएस-191 गैंग और उसके सहयोगियों के खिलाफ गाजीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने गैंग से जुड़े 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे गए 145 हथियारों के व्यापक सत्यापन और जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर अफजाल अंसारी सहित तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है।पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक जाकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों तथा लाइसेंसी शस्त्र विक्रेताओं के अभिलेखों का गहन परीक्षण किया।जांच के दौरान यह सामने आया कि आईएस-191 गैंग के सदस्यों और सहयोगियों को जारी कुल 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे गए 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन कराया गया, लेकिन कई मामलों में शस्त्र लाइसेंस और क्रय-विक्रय से संबंधित मूल पत्रावलियां अभिलेखागार से गायब मिलीं। कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका, जबकि खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के तथ्य सामने आए हैं।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया कि तत्कालीन शस्त्र लिपिकों और संबंधित लाइसेंसधारकों की मिलीभगत से मूल अभिलेख गायब कराए गए, जिससे हथियारों का उपयोग आपराधिक गतिविधियों में किया जा सके। इसे आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी अभिलेखों के दुरुपयोग का मामला माना गया है।इसी क्रम में अफजाल अंसारी के नाम जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 से संबंधित पत्रावली और क्रय-विक्रय अभिलेख गायब मिलने तथा इस लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल संख्या 830405 की वर्तमान स्थिति स्पष्ट न होने पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 535/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी एवं आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 व 30 में अफजाल अंसारी, तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक असफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।पुलिस का कहना है कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। जांच में जिन-जिन मामलों में अनियमितताएं सामने आएंगी, उनमें भी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।