कोतवाली । के एस चिल्ड्रेन्स अकैडमी में शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को केंद्रित करते हुए सी.बी.एस.ई द्वारा “Mental Health and Wellness Among Students” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं जागरूकतापूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में के.एस. चिल्ड्रेन्स अकैडमी के शिक्षकों के साथ-साथ विभिन्न विद्यालयों वी.एस.डी पब्लिक स्कूल , डी.पी.एस., ओम इंटरनेशनल स्कूल, आर.पी.एस., ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, , गोयल पब्लिक स्कूल, पी.डी.एम कॉन्वेंट, होली एंजेल, एस.एम.अकैडमी से आए शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में की सीबीएसई रिसोर्स पर्सन अनिता सिवाच व शीतल माहेश्वरी ने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञ विचार साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह द्वारा दोनों रिसोर्स पर्सन्स का प्लांटर भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ, जिसके पश्चात दीप प्रज्वलन कर कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette कार्यशाला के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, भावनात्मक कल्याण, तनाव प्रबंधन, चिंता एवं भय से निपटने, आत्म-सम्मान एवं आत्मविश्वास, माइंडफुलनेस, स्वस्थ जीवनशैली, डिजिटल वेलबीइंग, सकारात्मक संबंधों, बुलिंग की रोकथाम, शिक्षक की भूमिका तथा काउंसलिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। रिसोर्स पर्सन्स ने बताया कि शिक्षकों का मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहना उनके व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ विद्यार्थियों के शैक्षिक एवं भावनात्मक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, अपनी भावनाओं को समझने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा कार्य एवं व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, विद्यार्थियों के व्यवहार में होने वाले बदलावों को संवेदनशीलता से समझने, उन्हें सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन देने में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने तथा विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित, संवेदनशील और सकारात्मक शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला का समापन सकारात्मक ऊर्जा, उपयोगी सीख एवं नए दृष्टिकोण के साथ हुआ।