बागपत। योगीराज में भ्रष्टाचार पर सख्ती के सरकारी दावों के बीच बागपत के जिला महिला अस्पताल से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में प्रसव कराने आई एक महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डिलीवरी कराने के नाम पर एक सफाईकर्मी ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि रकम नहीं देने पर समय रहते उचित सहायता नहीं मिली, जिसके चलते महिला की अस्पताल परिसर में ही खुले स्थान पर डिलीवरी हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान मौके पर अस्पताल का जिम्मेदार स्टाफ मौजूद नहीं था और काफी देर तक कोई स्वास्थ्यकर्मी सहायता के लिए नहीं पहुंचा। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया।read more:https://pahaltoday.com/the-consumer-commission-settled-the-matter-by-giving-a-cheque-of-rs-55040/जिला महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में रिश्वत मांगने या लापरवाही के आरोप सही पाए गए, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में भी आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को बिना किसी परेशानी के उपचार मिलना चाहिए, लेकिन यदि प्रसव जैसी संवेदनशील सेवा के लिए भी रिश्वत मांगी जा रही है तो यह बेहद गंभीर मामला है।फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।