भदोही। जनपद के प्रसिद्ध पौराणिक स्थल सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि गंगा घाट पर गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों का माहौल पल भर में गम में बदल दिया। निर्जला एकादशी के दिन गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में डूबने से 17 वर्षीय किशोर अभिषेक शर्मा की मौत हो गई, जबकि उसके साथ आए दो साथियों को डूबते समय गोताखोरों द्वारा बचा लिया गया।
सुरियावां थाना क्षेत्र के वारी गांव निवासी विशाल शर्मा (22 वर्ष) पुत्र अशोक शर्मा, आशीष शर्मा (20 वर्ष) पुत्र सतीश शर्मा और अभिषेक शर्मा (17 वर्ष) पुत्र संतोष शर्मा गंगा स्नान के लिए सीतामढ़ी घाट पहुंचे थे। स्नान करते समय तीनों अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के शोर मचाने पर आपदा मित्र बलिराम वर्मा, अर्जुन वर्मा, लवकुश निषाद, राकेश और नीरज समेत कई युवकों ने गंगा में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद विशाल और आशीष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि अभिषेक को घंटों तलाश के बाद गंगा से बाहर निकालकर मौके पर सीपीआर दी गई, लेकिन सांसें नहीं लौटीं। एंबुलेंस से सीएचसी डीघ ले जाया गया, वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सबसे बड़ा सवाल गंगा घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन कोई न कोई युवक गंगा में डूबता है और स्थानीय लोग व आपदा मित्र उसे बचा लेते हैं।read more:https://pahaltoday.com/if-you-go-to-visit-karnataka-then-definitely-taste-the-food-here-without-it-the-trip-is-incomplete/स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्जला एकादशी जैसे बड़े पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद घाट पर पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और निगरानी नहीं है। सीतामढ़ी घाट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, फिर भी प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए। अभिषेक की मां शव से लिपटकर बिलखती रही, वहीं लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही को हादसे की वजह बताया। ग्रामीणों की मांग है कि घाट पर बैरिकेडिंग और सावधानी के बोर्ड लगाए जाएं ताकि डूबने की घटनाओं पर अंकुश लग सके।