फतेहपुर। डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि गर्मियों में एसिडिटी का मुख्य कारण डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), धीमी पाचन क्रिया, और खराब खान-पान हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण पेट में पित्त दोष बढ़ जाता है, जिससे सीने में जलन और खट्टी डकारें आने लगती हैं। read more:https://pahaltoday.com/educational-material-distributed-to-children-in-akbarpur/गर्मियों में एसिडिटी होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): पसीने के रूप में शरीर से बहुत सारा पानी बाहर निकल जाता है। पानी की कमी से पेट के पाचक रस (acid) सही से घुल नहीं पाते, जिससे पेट में एसिड की सांद्रता बढ़ जाती है और जलन होती है। धीमा पाचन: गर्मियों में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए त्वचा की ओर रक्त संचार (blood flow) बढ़ जाता है, जिससे पेट के अंगों को कम खून मिलता है और पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। गलत खान-पान: गर्मियों में कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, चाय-कॉफ़ी, और अधिक तले-भुने या मसालेदार भोजन का सेवन बढ़ जाता है। ये चीजें पेट के वाल्व को कमजोर करती हैं जिससे एसिड वापस ग्रासनली (food pipe) में आने लगता है। अनियमित दिनचर्या: गर्मी के कारण कई बार लोग भूख न लगने पर खाना छोड़ देते हैं या लंबे समय तक खाली पेट रहते हैं। इससे पेट में एसिड बनने की मात्रा बढ़ जाती है। बचाव के तरीके: दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं। पेट को ठंडा रखने के लिए नारियल पानी, नींबू पानी, और छाछ (Buttermilk) का सेवन करें। एसिडिटी से बचने के लिए Dr. Kales Gastro Clinic के लेख के अनुसार मसालेदार भोजन और बाहर के जंक फूड से परहेज करें।
एक साथ भारी खाना खाने के बजाय थोड़े-थोड़े अंतराल में हल्का भोजन करें।