बाराबंकी। एसआरएम विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय परिचयात्मक यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस अवसर पर आयोजित समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति इं. पंकज अग्रवाल, प्रति-कुलाधिपति इं. पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य विषय विशेषज्ञ आलोक पांडे ने यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज के विभिन्न आयामों पर प्रभावशाली एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। सह-सुविधादाता के रूप में हेमलता जैन एवं हिमांशु तथा प्रेक्षक के रूप में नियति गर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रूचि सिंह एवं इंजीनियर प्रभात श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के प्रारंभ से समापन तक सभी व्यवस्थाओं में निरंतर योगदान दिया। उनके समर्पण एवं सक्रिय सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।read more:https://khabarentertainment.in/khadiya-bazar-kota-road-becomes-a-death-trap-commuters-plagued-by-potholes-and-waterlogging/प्रशासनिक एवं तकनीकी सहयोगी टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। समापन समारोह में अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। आईआर विभाग की अपराजिता जयस्वाल ने कहा कि संबंधों के लिए समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुविधा आवश्यक है, किंतु समझ के अनुसार ही सुविधा प्राप्त की जा सकती है। संदीपा कौर ने बताया कि यदि हम अपने दैनिक जीवन में विशेषज्ञ द्वारा बताए गए तरीकों से घर और परिवार में सामंजस्य स्थापित करें तो जीवन अधिक सुखी हो सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कुछ सीखा है, उसे अपने परिवार में चर्चा करेंगे तथा पूरा प्रयास करेंगे कि इसे अपने जीवन में उतारें। उन्होंने अगली आठ दिवसीय कार्यशाला में भी भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। राजेंद्र जी ने कहा कि किसी भी बात को स्वीकार करने से पहले जांच-परख करनी चाहिए और उसके बाद ही उस पर अमल करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व एवं मूल्य-आधारित शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने इन मूल्यों को अपने व्यक्तिगत जीवन, शिक्षण कार्य एवं समाज हित में अपनाने का संकल्प लिया।