गंगोह (सहारनपुर)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संचालित श्री रामबाग सरस्वती शिशु मंदिर, गंगोह के 50 वर्ष पूर्ण होने पर विद्यालय का स्वर्ण जयंती समारोह हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। समारोह में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित जनों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिरों में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, मातृभूमि के प्रति समर्पण और नैतिक संस्कार भी दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में संस्कारयुक्त शिक्षा की सबसे अधिक आवश्यकता है और इस दिशा में सरस्वती शिशु मंदिर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/ उन्होंने विद्यालय के 50 वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा विकास समिति, प्रबंध समिति, प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि गंगोह क्षेत्र आज शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां नर्सरी से लेकर इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य प्राप्त करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता योगेंद्र गर्ग ने की। उन्होंने विद्यालय परिवार को स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय के प्रबंधक मेघ गोपाल गोयल ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि प्रधानाचार्य विश्वास शर्मा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राकेश तायल, डॉ. राकेश गर्ग, रमेश गर्ग, राकेश सिंघल, राकेश श्रीराम, मास्टर यशपाल सैनी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में विद्यालय की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए शिक्षा और संस्कारों के क्षेत्र में उसके योगदान की सराहना की गई।