भदोही। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून को आयोजित विशेष बूथ दिवस के प्रचार-प्रसार के लिए शनिवार को डीएम शैलेश कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूली बच्चों की जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बच्चों ने “दो बूंद जिंदगी की”, “पांच साल से कम उम्र, पोलियो की दवा है जरूरी” और “एक भी बच्चा न छूटे” जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। इस दौरान डीएम ने कहा कि भारत 2014 से पोलियो मुक्त है और पिछले 12 वर्षों में देश में कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन अफगानिस्तान और पाकिस्तान में समय-समय पर मामले मिलने से सतर्कता जरूरी है। जनपद में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.82 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। इसके लिए 28 जून को 643 बूथों पर पोलियो की दो बूंद पिलाई जाएंगी। अभियान की निगरानी के लिए 450 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 29 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे बच्चों को दवा पिलाएंगी। इसके बाद 6 जुलाई को बी-टीम के जरिए विशेष गतिविधियां कर उन बच्चों तक भी पहुंचा जाएगा जो किसी कारण छूट गए हों।read more:https://pahaltoday.com/star-hospital-is-proving-to-be-a-boon-for-poor-and-helpless-patients/डीएम ने अपील की है कि 0 से 5 साल का कोई भी बच्चा दवा पीने से न छूटे। अभिभावक अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाएं और स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन सिर्फ स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज का जनआंदोलन है। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, आशा बहुओं और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से ही जनपद को पोलियो सुरक्षित रखा जा सकता है।इस मौके पर स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।