बलिया। सरयू नदी के बाढ़ के पानी में घिरे भोजपुरवा गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए रविवार रात ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था। हालांकि अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा होने के कारण तत्काल लोगों को निकालने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई। सोमवार सुबह उजाला होते ही एनडीआरएफ की टीम के साथ ऑपरेशन रेस्क्यू शुरू किया गया। नावों के सहारे बाढ़ में फंसे करीब सौ परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालकर बंधे पर पहुंचाया गया।सरयू के जलस्तर में सोमवार को गिरावट जरूर दर्ज हुई, लेकिन भोजपुरवा में बाढ़ का पानी अभी भी चुनौती बना हुआ है। डीएसपी हेड पर रविवार शाम चार बजे जलस्तर 64.41 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार सुबह आठ बजे घटकर 64.34 मीटर हो गया। चांदपुर में भी रविवार शाम 58.76 मीटर के मुकाबले सोमवार सुबह 58.73 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम डॉ. पुष्कर मिश्रा, तहसीलदार नितिन कुमार सिंह, नायब तहसीलदार आशीष सिंह सहित पूरा प्रशासनिक अमला रविवार रात ही भोजपुरवा पहुंच गया। अधिकारियों ने मौके पर हालात का जायजा लिया और एनडीआरएफ टीम के साथ रेस्क्यू की तैयारी की।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/वहीं सीओ जयशंकर मिश्र और प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। रात में अंधेरा और चारों तरफ पानी होने के कारण ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुबह होने का इंतजार किया गया।सोमवार सुबह पर्याप्त रोशनी होने के बाद एनडीआरएफ के जवानों ने नावों के जरिए घरों में फंसे लोगों को निकालना शुरू किया। एक-एक कर परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। रेस्क्यू के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष प्राथमिकता दी गई। कई परिवारों के जरूरी घरेलू सामान को भी नाव के जरिए बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।रेस्क्यू किए गए परिवारों में मुन्ना यादव, राजेंद्र यादव, संजय यादव, सुधीर यादव, हीरालाल यादव, श्रीराम यादव, योगेंद्र यादव, लल्लन यादव, स्वामीनाथ यादव, श्रीकिशन यादव, राधाकृष्ण यादव, मुन्नीलाल यादव, जवाहर यादव, रामजी यादव, बलराम यादव, मुकेश, रमाशंकर और धनजी समेत अन्य परिवार शामिल रहे।ग्रामीणों के लिए रविवार रात से सोमवार सुबह तक का समय बेहद मुश्किल भरा रहा। घरों के चारों तरफ पानी होने से बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। सुबह एनडीआरएफ की नाव पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जवानों ने ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालकर बंधे पर पहुंचाया।