बहराइच ( सुजौली/मिहीपुरवा )। मिहीपुरवा तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में शनिवार को डॉक्टर आरपी सिंह की तत्परता से सांप के काटे एक मरीज की जान बच गई। गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए मरीज का समय पर इलाज कर डॉक्टर आरपी सिंह मरीज और परिजनों के लिए ‘देवदूत’ साबित हुए। सुजौली क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय युवक को खेत में काम करते समय जहरीले सांप ने काट लिया। काटने के कुछ देर बाद ही युवक की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गया। परिजन घबराहट में उसे सीधे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली लेकर पहुंचे। पीएससी सुजौली में तैनात डॉ. आरपी सिंह ने बिना देर किए मरीज को इमरजेंसी में भर्ती किया। उन्होंने मरीज के लक्षण देखकर तुरंत स्नेक बाइट कंफर्म किया और एंटी-स्नेक वेनम (ASV) का डोज शुरू कर दिया। डॉ. सिंह और उनकी टीम ने लगातार मॉनिटरिंग करते हुए करीब 3 घंटे तक इलाज किया।read more:https://pahaltoday.com/sedimentation-in-dams-and-reservoirs-2-billion-people-at-risk/सही समय पर इलाज मिलने से मरीज की हालत में सुधार हुआ और खतरा टल गया। फिलहाल मरीज खतरे से बाहर है और डॉक्टरों की निगरानी में है। मरीज के चाचा ने बताया, “हम बहुत डर गए थे। सांप बहुत जहरीला था। लेकिन डॉक्टर साहब ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया। अगर 10 मिनट भी देर होती तो कुछ भी हो सकता था। डॉक्टर आरपी सिंह हमारे लिए भगवान बनकर आए। डॉ. आरपी सिंह ने कहा, “स्नेक बाइट के केस में एक-एक मिनट कीमती होता है। मरीज को समय से अस्पताल लाया गया, इसलिए हम बचा पाए। पीएचसी सुजौली में एंटी-स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। ग्रामीणों से अपील है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें।