गाजीपुर। 102 एंबुलेंस सेवा की तत्परता और कुशल प्री-हॉस्पिटल केयर का उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला का अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस दौरान मां और नवजात दोनों सुरक्षित रहे।
जमनिया ब्लॉक के पियरी गांव निवासी राजेश कुमार की 22 वर्षीय पत्नी पुष्पा देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों की सूचना पर 102 एंबुलेंस संख्या UP32EG7099 तत्काल मौके पर पहुंची। एंबुलेंस टीम ने महिला की प्राथमिक जांच की, जिसमें प्रसव की अवस्था उन्नत पाई गई। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया जाने लगा।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज होने पर एंबुलेंस में तैनात ईएमटी सोनी मौर्य और पायलट दिनेश गुप्ता ने स्थिति को समझते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए। दोनों ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया।प्रसव के दौरान महिला की लगातार निगरानी की गई। नवजात के जन्म के बाद टीम ने आवश्यक सक्शन, प्रारंभिक नवजात देखभाल और ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराया। पूरी प्रक्रिया ईआरसीपी डॉ. रस्तोगी के चिकित्सीय मार्गदर्शन में की गई।इसके बाद एंबुलेंस टीम ने मां और नवजात को सुरक्षित रूप से पीएचसी जमनिया पहुंचाया, जहां दोनों को भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में मां और नवजात दोनों की स्थिति सुरक्षित बताई गई। एंबुलेंस कर्मियों की तत्परता और क्लिनिकल दक्षता से एक आपात स्थिति को सुरक्षित प्रसव में बदल दिया गया।