सोनभद्र। सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के दिघुल-टेढ़ा संपर्क मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा हाल ही में कराई गई सड़क मरम्मत का कार्य महज पांच दिन में ही जवाब दे गया। पांच साल की गारंटी के दावों के बीच सड़क की गिट्टियां उखड़ने लगी हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे हैं। ग्रामीणों की माने तो सड़क पर वाहनों का आवागमन शुरू होते ही डामर से गिट्टियां अलग होकर बिखरने लगीं। हालत यह है कि वाहनों के पहियों की रगड़ से सड़क की परत उखड़ रही है। सड़क पर बिखर रही गिट्टियां दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधारी गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सरजू प्रसाद, ग्राम प्रधान जगतनारायण तथा ग्राम प्रधान फहरुद्दीन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसके चलते सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी।read more:https://pahaltoday.com/complex-disease-care/स्थानीय निवासी बृज किशोर, सरोज, राजेश, लवकुश और गोरख सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान ही उन्होंने सामग्री की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया डामर और निम्नस्तरीय गिट्टी का प्रयोग किया गया, लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज कर जल्दबाजी में काम पूरा दिखा दिया गया। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क का पुनर्निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की सरकारी योजनाओं में यदि इसी तरह लापरवाही और भ्रष्टाचार होता रहा तो विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाएगा। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।