भदोही। उत्तर प्रदेश किसान सभा के आह्वान पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) व जिला किसान सभा द्वारा सोमवार को संयुक्त रूप से विद्युत वितरण खंड प्रथम भदोही कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। जहां एक्सईएन के माध्यम से मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा गया। इस दौरान किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रदेव पाल ने कहा कि बिजली मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, जिसमें झोपड़ी से लेकर महल, कारखाने, रेल इत्यादि बिजली पर निर्भर है। भारतीय संविधान में बिजली नो प्राफिट-नो लाश के आधार पर आपूर्ति करने की व्यवस्था है। बिजली के निजीकरण से करोड़ों गरीब अंधेरे में हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां जनता से अंधाधुंध धनउगाही करेगी। किसान, मजदूर, व्यापारी सभी को बड़े पैमाने पर प्रभावित होना पड़ेगा। उसका सीधा असर भारतीय कृषि व देश के विकास पर बाधा उत्पन्न करेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी।read more:https://pahaltoday.com/war-stress-a-world-full-of-anguish-for-550-million-people-living-in-the-anxiety-of-war/
सीपीआई (एम) के जिला सचिव भानसिंह मौर्य ने कहा कि बिजली का निजीकरण कदापि न किया जाए। प्रीपेड एवं पोस्टपेड स्मार्ट मीटर बिल्कुल न लगाया जाए, क्योंकि इसकी स्पीड बहुत तेज है। जहां स्मार्ट मीटर लगाएं गए है उसे हटवाया जाए। पुराने तरीके के मीटर लगाए जाए। रीडिंग के अनुसार विद्युत बिल भेजा जाए। किसान सभा के जिलाध्यक्ष अमृतलाल मौर्य ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं पर झूठे मुकदमे वापस लिए जाए, ठेकेदारी व संविदा व्यवस्था समाप्त की जाए। किसान सभा के जिला मंत्री ज्ञानप्रकाश प्रजापति ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का अविलम्ब निस्तारण कराया जाए। ट्रांसफार्मर से लंबी दूरी तक केबिल के सहारे आपूर्ति न दी जाए। जले ट्रांसफार्मर व जर्जर तारों को अविलंब बदला जाए। इस मौके पर बेचू लाल बिंद, चिंतामणि, घनश्याम गौतम, ह्रदय लाल यादव, प्रेम बहादुर, नंदलाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।