बाराबंकी। कस्बा देवा स्थित हाजी वारिस अली शाह की मजार शरीफ पर रोजाना सैकड़ों जायरीन जियारत के लिए पहुंचते हैं। दूर-दराज से आने वाले जायरीनों को देवा की सीमा तक पहुंचने में भले ही ज्यादा परेशानी न हो, लेकिन कस्बे में प्रवेश करते ही जाम, अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से जूझना पड़ता है। कौमी एकता गेट से दरगाह शरीफ तक जाने वाले मार्ग पर दोनों पटरियों पर ठेले-खोमचे और दुकानों का बढ़ा हुआ हिस्सा होने से सड़क संकरी हो गई है। कई बार वाहनों की लंबी कतार लगने से लोगों को आधे घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कस्बे में यातायात व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी संभाल रहे कस्बा इंचार्ज और यातायात प्रभारी की ओर से सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों और अतिक्रमण के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस और यातायात विभाग नियमित रूप से मुख्य मार्ग पर निगरानी करे तो जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। कस्बे में निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद वाहनों के सड़क पर खड़े होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्किंग व्यवस्था की निगरानी में भी लापरवाही बरती जा रही है। कुछ लोगों ने पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। सबसे गंभीर स्थिति कौमी एकता गेट से दरगाह शरीफ जाने वाले मार्ग पर दिखाई देती है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/दोनों ओर ठेले और दुकानें सड़क तक बढ़ जाने से पैदल चलने वालों के लिए भी जगह कम बचती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बा इंचार्ज और यातायात प्रभारी यदि नियमित रूप से मौके पर निरीक्षण कर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करें तो जायरीनों को काफी राहत मिल सकती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार वाहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/सरकारी स्वास्थ्य परिसर के आसपास भी खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। पार्किंग के नाम पर शुल्क लिए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। हाजी वारिस अली शाह की दरगाह देवा की प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि जायरीनों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा गंभीर विषय भी है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से कौमी एकता गेट से दरगाह शरीफ तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने, अतिक्रमण हटाने, सड़क पर वाहनों की पार्किंग रोकने तथा कस्बा इंचार्ज और यातायात प्रभारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद व्यवस्था सुधारने के बजाय समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब सक्रिय होते हैं और देवा शरीफ आने वाले जायरीनों को जाम व अतिक्रमण की समस्या से कब राहत मिलती है।