बाराबंकी। रामनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित चौकीदार राजेश यादव हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन दिन से फरार चल रहे चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक डंडा भी बरामद करने का दावा किया है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस मामले में एक अन्य नामजद आरोपी श्रवण कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक, अब मामले में नामजद सभी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। रामनगर थाना क्षेत्र के भरसवा गांव निवासी राजेश यादव रामनगर थाने में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार शाम करीब सात बजे वह अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव जाने वाले मार्ग पर स्थित मेंथा टंकी के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस के अनुसार, कुलदीप कुमार, शुभम उर्फ आलोक, बाबू उर्फ सैरभ, रामकैलाश और श्रवण ने राजेश यादव पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में राजेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आरोपियों के मौके से फरार होने के बाद वह काफी देर तक घायल अवस्था में पड़े रहे। इसी दौरान बाइक से गांव लौट रहे राजेश के परिजनों की नजर उन पर पड़ी। राजेश को लहूलुहान और गंभीर हालत में देखकर परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना परिवार के अन्य लोगों को दी और उन्हें लेकर रामनगर थाने पहुंचे। पुलिस ने घायल राजेश को उपचार के लिए सीएचसी रामनगर भेजा।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteहालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान राजेश यादव की मौत हो गई। राजेश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। घटना के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर उनकी तलाश तेज कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, मामले में पहले श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद शनिवार को पुलिस टीम ने फरार चल रहे चार अन्य नामजद आरोपियोंकृकुलदीप कुमार, शुभम उर्फ आलोक, बाबू उर्फ सौरभ, रामकैलाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक डंडा बरामद किए जाने की बात कही है। चारों आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद से ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। शनिवार को चारों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में नामजद सभी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक रामशंकर, उपनिरीक्षक मानेन्द्र सिंह, कांस्टेबल जयश्याम और कांस्टेबल विकास यादव शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। मामले में पुलिस की आगे की जांच और साक्ष्यों के आधार पर होने वाली कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।