अब कोषागार के चक्कर से मिलेगी मुक्ति, घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे पेंशनभोगी

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गाजीपुर। जिले के हजारों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब सालाना जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए उन्हें कोषागार और बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पेंशनभोगी घर बैठे अपने स्मार्टफोन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए शासन की ओर से एक नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पेंशनभोगियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत देने के साथ ही जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाना है।जिले में उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों और अन्य प्रदेशों से जुड़े करीब 25 हजार पेंशनभोगी कोषागार गाजीपुर से पेंशन प्राप्त करते हैं। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों तथा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े हजारों पेंशनभोगी भी जनपद में निवास करते हैं। इन सभी पेंशनभोगियों को प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर अपने जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है, ताकि उनकी पेंशन निर्बाध रूप से जारी रह सके।इसी आवश्यकता को देखते हुए शासन ने डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया है। वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह ने बताया कि गाजीपुर कोषागार से जुड़े सभी पेंशनरों को वर्ष में एक बार अपना जीवन प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। पेंशनभोगियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पेंशनर बिना कार्यालय आए भी अपना प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
कोषागार में एक महीने तक चलेगा निःशुल्क सहायता शिविर
डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी नहीं रखने वाले बुजुर्ग पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय में एक महीने तक निःशुल्क शिविर लगाया गया है। यहां तकनीकी जानकारी के अभाव में डिजिटल प्रमाणपत्र जमा करने में असमर्थ पेंशनभोगियों को आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन दिया जाएगा। पेंशनभोगी बैंक, डाकघर और जनसेवा केंद्र के माध्यम से भी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करा सकते हैं।
स्मार्टफोन से कुछ मिनटों में बनेगा जीवन प्रमाणपत्र
पेंशनभोगी अथवा उनके परिवार का कोई सदस्य स्मार्टफोन के माध्यम से भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से आधार फेस आईडी और जीवन प्रमाण ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद जीवन प्रमाण ऐप खोलकर ऑपरेटर के रूप में आधार और मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करना होगा।सत्यापन के बाद पेंशनभोगी का नाम, पीपीओ नंबर, बैंक खाता संख्या और पेंशन वितरण प्राधिकरण का नाम दर्ज करना होगा। इसके पश्चात मोबाइल का फ्रंट कैमरा ऑन कर ऐप पर दिए गए निर्देशों के अनुसार अपनी पलकों को झपकाना होगा। चेहरा पूरी तरह स्कैन होने के बाद स्क्रीन पर सफलता का संदेश दिखाई देगा। प्रमाणीकरण सफल होने पर मोबाइल पर जीवन प्रमाणपत्र आईडी का एसएमएस प्राप्त होगा, जिसे पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की यह व्यवस्था बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। खासकर ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें उम्र अथवा शारीरिक असुविधा के कारण कोषागार और बैंकों तक पहुंचने में परेशानी होती है, वे अब घर बैठे ही अपनी पेंशन संबंधी अनिवार्य औपचारिकता पूरी कर सकेंगे।

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