गाजीपुर — जनपद में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) कर्मचारियों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आई है। वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह पालीवाल ने इस संबंध में सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया है।
उन्होंने बताया कि कई विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की एनपीएस कटौती की धनराशि तो चालान के माध्यम से बैंक में जमा कर दी जाती है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों का PRAN (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) शिफ्टिंग कोषागार स्तर पर नहीं कराया जा रहा है।इस लापरवाही के चलते कर्मचारियों की कटौती की गई राशि उनके PRAN खाते में स्थानांतरित नहीं हो पा रही है, जिससे न केवल कर्मचारियों को भविष्य में परेशानी हो सकती है, बल्कि कोषागार के लेखे को समय से महालेखाकार को भेजने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।read more:https://khabarentertainment.in/vitamin-d-and-future-brain-health-in-middle-age-a-study-based-analysis-dr-archita-mahajan/
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने निर्देशित किया है कि ऐसे सभी मामलों में संबंधित एनपीएस कर्मचारियों का चालान भरने के बाद उसे पहले कोषागार से सत्यापित कराया जाए, तत्पश्चात ही बैंक में जमा किया जाए। इससे PRAN शिफ्टिंग की प्रक्रिया भी सुनिश्चित होगी और जनपद का लेखा समय से प्रेषित किया जा सकेगा।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे इस प्रक्रिया का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे।