लाखों से बने एमआरएफ सेंटर बने शोपीस, गांव में कूड़ा निस्तारण ठप

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गाजीपुर जमानियां। ग्राम पंचायतों में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाए गए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर जमानियां क्षेत्र में अपनी उपयोगिता खोते नजर आ रहे हैं। बघरी गांव में लाखों रुपये की लागत से बना एमआरएफ सेंटर आज भी उपयोग के बजाय सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है, जबकि गांव की गलियां और रास्ते कूड़े से पटे पड़े हैं।read more:https://khabarentertainment.in/a-grand-ceremony-was-organized-in-honor-of-shiksha-mitras/जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में कचरा निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया था। विकास खंड अंतर्गत बघरी गांव के कंपोजिट विद्यालय के पीछे बनाए गए इस सेंटर का उद्देश्य रोजाना निकलने वाले कचरे को एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से उसका निस्तारण करना था। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।ग्रामीणों का आरोप है कि सेंटर बनने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव के राजू, संजय सिंह, अरुण, संदीप कुमार, मोहन, राजेश, रमेश, सोनू और विनोद सहित कई लोगों ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के लिए बनी यह सुविधा आज तक चालू नहीं हो सकी। सफाईकर्मी कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने के बजाय इधर-उधर फेंक देते हैं या फिर पोखरों में डाल देते हैं, जिससे गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए भारी बजट खर्च किया गया, लेकिन विभागीय लापरवाही और कथित मिलीभगत के चलते इसका कोई लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे लोगों का जीवन दूभर हो गया है।इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी उमेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 28 एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए शासन से धन स्वीकृत हुआ था और जिलाधिकारी की अनुमति के बाद इनका निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित की जाएगी।

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