आगरा। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का भव्य समापन रविवार को आगरा में हुआ। सम्मेलन के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं आगरा यूनिवर्सिटी की कुलपति आशा रानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री एवं कुलपति द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की स्थापना 23 जनवरी 1972 को हुई थी और संगठन ने अपने 54 वर्षों के सफर में पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि देश ने आपातकाल का दौर भी देखा है और आज मीडिया के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा, पहचान और मीडिया की विश्वसनीयता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में असली और फर्जी पत्रकारों की पहचान करना कठिन होता जा रहा है। केंद्र सरकार को इस दिशा में स्पष्ट मानक तय करने चाहिए ताकि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही सूचना एवं प्रसारण मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार समाज तथा सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार अनेक चुनौतियों, दबावों और कठिन परिस्थितियों के बीच भी निष्पक्ष होकर सच को सामने लाने का प्रयास करते हैं। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन की सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक संकटों के बावजूद भारत ने मजबूती से अपनी स्थिति बनाए रखी है और दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान स्थापित की है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को उजागर करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और सरकार भी जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुनने और उन पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।read more:https://pahaltoday.com/three-deputy-superintendents-of-police-were-given-a-warm-farewell-and-their-work-was-appreciated-by-the-police-family/ उन्होंने कहा कि कई पत्रकार जनसरोकारों से जुड़े विषयों को उठाना चाहते हैं, लेकिन कई बार उन्हें पर्याप्त मंच नहीं मिल पाता। ऐसे समय में स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है।उन्होंने कहा कि आज भारत को वैश्विक स्तर पर सम्मान मिल रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा दिए गए सर्वोच्च सम्मान देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक हैं। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पत्रकारों से राष्ट्रहित, जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया।पत्रकारों की मांगों पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून सहित पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सम्मेलन में उठाए गए सुझावों और मांगों को उचित स्तर पर पहुंचाया जाएगा तथा पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सक्सेना, मोहन अग्रवाल, दिलीप सुराणा, अजय सिंह, के.पी. सिंह, आशा रानी सहित विभिन्न राज्यों और जिलों से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण अवस्थी, चित्रकूट टीम प्रभारी रतन पटेल, शंकर यादव और ऋषि कुमार आर्या ने भगवान कामतानाथ का चित्र भेंट कर उपमुख्यमंत्री का स्वागत एवं सम्मान किया।कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी ने सहारनपुर इकाई की नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए आलोक अग्रवाल को जिला अध्यक्ष, मनोज मिड्ढा को जिला महासचिव तथा मोहम्मद फारुख और कमल गर्ग को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।सम्मेलन में पत्रकार सुरक्षा कानून, पेंशन व्यवस्था, मीडिया की स्वतंत्रता, पत्रकारों के अधिकारों और संगठन की मजबूती जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन का समापन पत्रकार हितों की रक्षा, संगठन को मजबूत बनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।