सहारनपुर। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहारनपुर विकास प्राधिकरण में तैनात एक अवर अभियंता को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल देखा जा रहा है।read more:https://khabarentertainment.in/called-bjps-victory-a-mandate-said-bsp-will-form-the-government-in-2027/प्राप्त जानकारी के अनुसार, विनय कुमार छाबड़ा निवासी पवन विहार, कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह सहारनपुर विकास प्राधिकरण में नक्शा पास कराने और निर्माण कार्य से संबंधित ठेकेदारी का काम करते हैं।
शिकायत में बताया गया कि नुमाइश कैंप स्थित सेतिया विहार कॉलोनी में मोहित अरोड़ा के मकान का ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य चल रहा था। लेकिन मानचित्र के विपरीत निर्माण होने के चलते मामले में शमन शुल्क पहले ही दो किस्तों में लगभग ₹25-25 हजार जमा कराया जा चुका था।
इसके बावजूद संबंधित अवर अभियंता आशीष सक्सेना द्वारा रिपोर्ट लगाने और मामले को निपटाने के नाम पर अतिरिक्त ₹20,000 की मांग की जा रही थी। लगातार दबाव बनाए जाने से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की। योजना के तहत शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि के साथ सहारनपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय भेजा गया, जबकि एंटी करप्शन टीम पहले से ही आसपास मौजूद रही और पूरी गतिविधि पर नजर रखी गई।जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को ₹20,000 की रकम सौंपी, एंटी करप्शन टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर थाना सदर बाजार लाया गया, जहां आवश्यक विधिक प्रक्रिया और मेडिकल परीक्षण पूरा किया गया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।इस कार्रवाई के बाद सहारनपुर विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, विभागीय स्तर पर भी आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है और उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही या रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी विभाग में उनसे रिश्वत की मांग की जाती है, तो तुरंत इसकी शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।यह कार्रवाई प्रशासन की “जीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाती है, जिसमें भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।