रजिस्ट्री कार्य के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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जखनियां (गाजीपुर)। तहसील बार एसोसिएशन जखनियां की एक अति आवश्यक बैठक गुरुवार को अधिवक्ता हॉल में अध्यक्ष रामदुलार राम एडवोकेट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन विभाग के कार्यों को निजी कंपनियों को सौंपने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर तत्काल रोक लगाने की मांग की।read more:https://pahaltoday.com/shailendra-kumar-dwivedi-a-pharmacist-posted-at-the-community-health-center-visheshwarganj-became-the-district-president-of-the-health-department/बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि निबंधन विभाग के कार्यों के निजीकरण से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा आम जनता के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार नए नियम लागू कर रजिस्ट्री प्रक्रिया को जटिल और खर्चीला बनाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों में कहा कि निबंधन कार्य को निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा प्रस्तावित डिजिटल रजिस्ट्री योजना को भी समाप्त करने की मांग की गई।बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने 11 जून से 12 जून तक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने न्यायिक कार्यों से जुड़े वादकारियों के हितों को देखते हुए संबंधित मामलों में सामान्य तिथि निर्धारित करने का भी अनुरोध किया है।इस संबंध में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, महानिरीक्षक निबंधन लखनऊ, जिलाधिकारी गाजीपुर, उपजिलाधिकारी जखनियां, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार जखनियां को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई है।बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामदुलार राम एडवोकेट, महामंत्री नर्वदेश्वर सिंह उर्फ मिंटू सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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