गाजीपुर। उ०प्र० उद्योग व्यापार संगठन ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले दलों की कड़ी निंदा की।
संगठन के जिलाध्यक्ष असित कुमार सेठ एवं महामंत्री सुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में दूरदर्शी पहल है।read more:https://pahaltoday.com/on-the-instructions-of-mayawati-vipin-diwan-was-declared-the-bsp-candidate-from-assembly-59/
व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि देश की आधी आबादी लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में असमानता और उपेक्षा का सामना करती रही है। ऐसे में महिलाओं को विधायिका में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से महिलाओं की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर अधिक मजबूती से उठेगी तथा नीति निर्माण में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। ज्ञापन में कहा गया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है। यह महिलाओं की गरिमा, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा को नई दिशा देने वाला कदम है। संगठन का मानना है कि इस अधिनियम से महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, प्रशासनिक भागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस दौरान संगठन पदाधिकारियों ने इंडी गठबंधन में शामिल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राजद और डीएमके जैसे दलों द्वारा महिला आरक्षण बिल के विरोध पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगठन ने आरोप लगाया कि विपक्ष का रवैया महिला सशक्तिकरण के प्रति उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। व्यापार संगठन के नेताओं ने कहा कि महिलाओं के अधिकार किसी दल विशेष का विषय नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार हैं। जब महिलाएं सशक्त होंगी तभी समाज और देश मजबूत होगा। इसलिए प्रत्येक जनप्रतिनिधि और नागरिक का दायित्व है कि वह महिलाओं के हित में उठाए गए सकारात्मक कदमों का समर्थन करे। संगठन ने राज्यपाल से मांग की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यक संसाधन एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अंत में व्यापार संगठन की ओर से विपक्ष के विरोध के खिलाफ निंदा प्रस्ताव जिलाधिकारी को सौंपा गया।