जी.एस. विश्वविद्यालय एवं विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय ‘आरोहण’ कार्यक्रम का शुभारंभ

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हापुड़। जी.एस. विश्वविद्यालय एवं विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “आरोहण” कार्यक्रम का शुभारंभ आज पारंपरिक सरस्वती वंदना के साथ हुआ। यह कार्यक्रम विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री श्री अरुण पांचजन्य जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।इस कार्यक्रम में आसपास के विभिन्न मेडिकल संस्थानों के एमबीबीएस, बीडीएस एवं बीएएमएस के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। तीन दिनों तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्र निर्माण, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं चिकित्सा सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रेरणादायी व्याख्यान एवं संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में चिकित्सा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना तथा भावी चिकित्सकों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना है।read more:https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय प्रचारक श्री महेंद्र जी, जी.एस. विश्वविद्यालय के चांसलर श्री गंगा सरन शर्मा,  राकेश गुप्ता,सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री शशि शर्मा, वाइस चांसलर डॉ. यतीश अग्रवाल, प्रो चांसलर डॉ. अंकित शर्मा, यज्ञदत्त शर्मा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज से डॉ. सुधांशु यज्ञदत्त शर्मा तथा के.डी. मेडिकल कॉलेज, मथुरा के डॉ. गौरव सहित विश्वविद्यालय एवं विभिन्न संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान, सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रहित की भावना के साथ आगे बढ़ें और विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका निभाएं।तीन दिवसीय “आरोहण” कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रेरणादायी व्याख्यान, नेतृत्व विकास सत्र, समूह चर्चा एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रतिभागी अपने व्यावसायिक कौशल के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति भी जागरूक बन सकें।

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