लखीमपुर खीरी के फरधान कस्बे में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कस्बे में स्थित त्रिवेदी मेडिकल स्टोर के नाम से संचालित परिसर में बिना वैध पंजीकरण और बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सूत्रों के अनुसार यहां मरीजों का उपचार ही नहीं बल्कि ऑपरेशन तक किए जाने की चर्चाएं क्षेत्र में आम हैं। हैरानी की बात यह है कि यह कथित अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र *(सीएचसी) फरधान* से महज कुछ कदमों की दूरी पर संचालित बताया जा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई न होना कई सवालों को जन्म दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल का संचालन वैधानिक मानकों के अनुरूप नहीं है तो आखिर किसके संरक्षण में यह गतिविधियां चल रही हैं?read more:https://pahaltoday.com/mission-shakti-team-made-women-and-girls-aware-2/क्या विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें मूंद ली गई हैं? स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर यदि मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि एक गंभीर अपराध भी है। बिना योग्य चिकित्सक और आवश्यक सुविधाओं के ऑपरेशन जैसी प्रक्रियाएं मरीजों के जीवन को सीधे खतरे में डाल सकती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार अवैध अस्पतालों और झोलाछाप चिकित्सा के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के दावे कर रही है, तब फरधान में कथित रूप से इस तरह का अस्पताल खुलेआम कैसे संचालित हो रहा है? क्षेत्रीय नागरिकों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।