पत्नी की फावड़ा से हत्या करने के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा

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कानपुर देहात।ककवन क्षेत्र के गांव भिंडानिवादा में करीब एक साल पहले खाना बनाने को लेकर हुए विवाद में पत्नी पर फावड़ा से हमलाकर उसकी  हत्या करने के मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे पंचम की अदालत ने बीते दिनों आरोपी पति को दोषी ठहराया था वहीं गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करने के बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई इसके साथ उसपर दस हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।ए डी जी सी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि शिवराजपुर क्षेत्र के गांव चिरंजीव पुरवा निवासी प्रतापनारायान ने ककवन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें बताया था कि उसने अपनी पुत्री रूबी की शादी करीब दस ग्यारह साल पहले क्षेत्र के भिंडानिवादा गांव निवासी बरातीलाल के साथ की थी ।शादी के बाद बरातीलाल अक्सर शराब के नशे में उसकी पुत्री के साथ मारपीट कर प्रताड़ित करता था। इसी दौरान 12 जून 2025 की शाम बरातीलाल शराब के नशे में आकर खाना बनाने को लेकर उसकी पुत्री के साथ मारपीट की और उसपर फावड़े से हमला कर दिया।गंभीर हालत में पुत्री को अस्पताल ले जाया गया जहां दौरान इलाज उसकी मौत हो गई।पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए आरोपी बरातीलाल को गिरफ्तार कर जेल भेजने के साथ ही उसके खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे।मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम सुश्री पूनम सिंह की अदालत में चल रही थी। बीते मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी पति बरातीलाल को पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए उसे जेल भेज दिया था वहीं गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी पति बरातीलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई इसके साथ ही उसपर दस हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।read more:https://pahaltoday.com/the-essence-of-prasad-is-to-receive-the-blessings-of-the-deity-to-whom-it-is-offered/पुत्री के बयान बने सजा का आधार   ए डी जी सी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि  मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए 21 गवाहों की सूची आरोपपत्र के साथ अदालत में पेश की थी।जिसमें अभियोजन पक्ष ने मुख्य 6 गवाहों को अदालत में पेश किया जिसमें मृतका की 9 वर्षीय पुत्री ज्योति के बयान अहम साबित हुए ।उसने अदालत में पिता बरातीलाल के शराब के लती होने और अक्सर मां और उसके साथ मारपीट करने की बात बताई वहीं घटना के दिन खाना बनाने को लेकर  मारपीट हुई थी और जब मां चारपाई पर लेटी थी तभी पिता ने फावड़ा से उनपर हमला करने की बात को अदालत में साबित किया जो सजा का मुख्य आधार बना। बचाव पक्ष का गवाह गवाही से मुकर गया विशेष लोक अभियोजक राकेश मिश्रा ने बताया कि मामले में बचाव पक्ष की ओर से दोषी बरातीलाल को निर्दोष साबित करने के लिए ग्यारह गवाहों की सूची अदालत में पेश कर उन्हें तलब करने की मांग की गई थी।अदालत ने सभी गवाहों को समन जारी किया तो दस गवाहों ने गवाही से इंकार कर दिया वहीं मात्र एक गवाह नदिहा बुजुर्ग प्रेमशंकर अदालत में हाजिर हुआ जिसने अदालत में मामले में गवाही देने से इंकार कर दिया वहीं बरातीलाल के शराब का लती होने की तथ्य को भी साबित कर दिया।

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