लखनऊ। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल निर्धन एवं वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा के प्रति सदैव प्रयत्नशील रहती है। इससे संबंधित प्रत्येक कार्यों में उनकी सहज सक्रियता परिलक्षित होती है। इस क्रम में उन्होंने राज्य स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अंतर्गत अयोध्या धाम के दोराही कुआँ में नवनिर्मित दो आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्मार्ट क्लास रूम का उद्घाटन किया। आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिकाओं का अवलोकन किया तथा बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने बच्चों से प्रार्थना सुनी और स्मार्ट क्लास के माध्यम से प्रदान की जा रही शिक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को फल एवं मिष्ठान वितरित किए। रसोईघर में बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मिड-डे मील का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि समुचित शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए प्रारंभिक अवस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्तम संस्कार तथा संतुलित पोषण अत्यंत आवश्यक हैं। बच्चे की प्रथम शिक्षिका उसकी माँ होती है तथा उसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र उसके व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला बनते हैं। यही प्रारंभिक शिक्षा आगे चलकर विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय तक पहुँचने का सुदृढ़ आधार बनती है। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा एवं समुचित पोषण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।read more:https://pahaltoday.com/us-iran-ceasefire-a-positive-step/उन्होंने बताया कि विभिन्न सर्वेक्षणों से यह स्पष्ट हुआ है कि आठ वर्ष की आयु तक बच्चे लगभग अस्सी प्रतिशत सीखने की क्षमता विकसित कर लेते हैं। इसलिए इस अवस्था में उन्हें उत्तम संस्कार, नैतिक शिक्षा, योग, पर्यावरण संरक्षण, प्रार्थना, गीत-संगीत तथा अनुशासित जीवनशैली का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।