गांधीजी के सत्य, अहिंसा, संयम और शास्त्री जी की सादगी के आदर्श आज भी प्रासंगिक : प्रभानाथ त्रिपाठी

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 हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात। गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर जनपद न्यायालय में आयोजित जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला जज प्रभानाथ त्रिपाठी ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, संयम और संवाद तथा लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी समाज और न्याय व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि न्याय केवल निर्णय देने का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, संवेदना और विश्वास से जुड़ी जिम्मेदारी है। न्यायालय से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्य का निर्वहन सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और मर्यादा के साथ करना चाहिए। यही दोनों महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने अधिवक्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि गांधीजी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अधिवक्ता की कलम सत्य के लिए निर्भीकता से चले, भाषा में संयम और आचरण में मर्यादा रहे तथा कलम व्यवस्था सुधार का माध्यम बने। यही गांधीजी और शास्त्री जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।जितेन्द्र चौहान ने कहा कि गांधीजी ने अन्यायपूर्ण व्यवस्था के विरुद्ध सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण असहमति का मार्ग दिखाया। संविधान प्रदत्त अधिकारों और अधिवक्ताओं के विधि-व्यवसाय को प्रभावित करने वाले किसी आदेश पर लोकतांत्रिक ढंग से पुनर्विचार और आवश्यक होने पर उसे वापस लेने की मांग करना लोकतांत्रिक अधिकारों की अभिव्यक्ति है।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/हड़ताल इसी लोकतांत्रिक असहमति का प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था से टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से न्यायपूर्ण समाधान प्राप्त करना होना चाहिए। साथ ही वादकारियों के हित भी प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि असहमति का अर्थ विरोध नहीं, बल्कि समाधान का रास्ता खोजना है।जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात के महामंत्री नरेन्द्र सिंह सेंगर ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य, सादगी, अनुशासन और कर्तव्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। अधिवक्ताओं को अपने आचरण में मर्यादा रखते हुए वादकारियों के हित और न्याय की गरिमा को सदैव प्राथमिकता देनी चाहिए।एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम कटियार एवं जिला बार एसोसिएशन माती मुख्यालय के अध्यक्ष अरुण अवस्थी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि देश के इन दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर उसी के अनुरूप आचरण करना ही उनके प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है।इस अवसर पर प्रमुख रूप से अपर जिला जज शरद कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार सिंह, सुश्री पूनम सिंह, सुरेन्द्र सिंह, आनन्द प्रिय गौतम, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तरुण कुमार अग्रवाल, अर्नव राज चतुर्वेदी, अंकित कुमार, विहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकुर सिंह सोलंकी, रवीना प्रिन्स तोमर, हर्षित अग्रवाल, प्रिंस, मोहम्मद असीम चौधरी, विकास कुमार सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिवक्ताओं में क्षितिज अवस्थी, जागेश पाण्डे, रोहित शुक्ला हरदीप सिंह सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

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