शाहगंज, सोनभद्र। सरकार किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, लेकिन घोरावल क्षेत्र में निजी दुकानों पर खाद की कथित मनमानी कीमत वसूले जाने की शिकायतों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का आरोप है कि निर्धारित मूल्य से अधिक रकम लेने के बावजूद कई दुकानदार रसीद तक नहीं देते। इससे अन्नदाताओं में आक्रोश है।घोरावल विकास खंड के ढुटेर गांव निवासी प्रगतिशील किसान रघुनाथ प्रसाद ने जिला कृषि अधिकारी से निजी दुकानदारों द्वारा अधिक कीमत पर रासायनिक खाद बेचने की शिकायत किए जाने की बात कही है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने संबंधित अधिकारी के कथित जवाब ऊंचे दाम पर कहीं खाद नहीं बिक रही है।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/पर भी सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि साधन सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद समय पर खाद नहीं मिल पाती। नंबर आने में कई दिन लग जाते हैं और वितरण के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। फसल बचाने की मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ती है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि निजी दुकानों पर कथित तौर पर मनमाने दाम पर खाद मिल रही है तो फार्मर आईडी और आधार आधारित वितरण व्यवस्था का वास्तविक लाभ किसान तक क्यों नहीं पहुंच रहा। प्रगतिशील किसान रघुनाथ प्रसाद समेत किसानों ने शासन-प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने तथा सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण व्यवस्था सुचारू कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जांच होने पर ही खाद बिक्री की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।