सोनभद्र। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सोनभद्र के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की ओर से स्मार्ट नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग विषय पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के चैथे दिन विशेषज्ञों ने बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में ऊर्जा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई।read more:https://pahaltoday.com/lodheshwar-mahadev-corridor-to-boost-pilgrimage-dr-dilip-agnihotri/कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सोनभद्र एवं सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मिर्जापुर के निदेशक प्रोफेसर के.एस. वर्मा ने बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में एआई की भूमिका बताई। उन्होंने लचीली एसी पारेषण प्रणालियों (फैक्ट्स), खुले बिजली बाजार और नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन में इसके अनुप्रयोगों पर भी विचार रखे। दूसरे सत्र में मिर्जापुर के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वी.पी. सिंह ने विद्युत प्रणालियों पर साइबर हमलों की पहचान और उनके प्रभाव को कम करने की रणनीतियों की जानकारी दी। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रिंस राजपूत ने बताया कि एआई के माध्यम से सौर और पवन ऊर्जा प्रणालियों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। अंतिम तकनीकी सत्र में विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर संजय मौर्य ने मशीन लर्निंग की मदद से बैटरियों के क्षरण का विश्लेषण करने और उनके शेष उपयोगी जीवन का पूर्वानुमान लगाने की तकनीकों पर चर्चा की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संयोजक एवं विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष श्री राम ईश्वर वैस तथा समन्वयकों डॉ. अनुराग सेवक, डॉ. मैनेजर यादव और डॉ. राखी यादव ने वक्ताओं को स्मृति चिह्न भेंट किए।