जहानागंज में पर्यावरण संरक्षण संगोष्ठी, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पौधरोपण पर दिया गया जोर

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आजमगढ़।सिधारी क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सौरभ श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में पेड़ पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि हरियाली सुरक्षित रहेगी तो आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जैव विविधता, पक्षियों के संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।मुख्य अतिथि ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। वनों का विस्तार, प्रकृति का संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता ही जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन की अमूल्य धरोहर हैं और इनके बिना स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की कल्पना संभव नहीं है।read more:https://pahaltoday.com/district-supply-officer-inspected-the-farmer-registry-camp/संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मनोज कुमार यादव ने कहा कि अग्नि, जल, वायु, आकाश और पृथ्वी जैसे पंचतत्व यदि प्रदूषित होंगे तो मानव जीवन भी प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।दीपक कनौजिया ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती भौतिक सुविधाओं का भी पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लोगों ने अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव नहीं किया तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।संगोष्ठी के अंत में पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया तथा लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई।

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