हैदराबाद देवनागरी उत्थान फाउंडेशन की सह-संस्थापक एवं सह-सचिव डॉ प्रमिला पाठक के असामयिक निधन से सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को समाज एवं संस्था के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/dm-and-sp-held-a-meeting-with-traders-regarding-strengthening-of-trader-security/डॉ प्रमिला पाठक लंबे समय से हिंदी, देवनागरी भाषा के संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के कार्यों से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व में सेवा, समर्पण और सरलता का अद्भुत समन्वय था, जिसके कारण वे सभी के बीच अत्यंत सम्मानित थीं। इस दुःखद समाचार पर देवनागरी उत्थान फाउंडेशन के संस्थापक डॉ सुनील दुबे ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ प्रमिला पाठक का निधन संस्था एवं समाज के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई कर पाना अत्यंत कठिन होगा। धरा धाम इंटरनेशनल के प्रमुख सौहार्द शिरोमणि संत डॉ सौरभ पाण्डेय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ प्रमिला पाठक ने समाज सेवा एवं भाषा उत्थान के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। इसके अतिरिक्त डॉ पूजा निगम, डॉ आराधना वर्मा ,डॉक्टर प्रतिमा सिंह डॉक्टर जय श्री माने, डॉ प्रदीप कलास्कर, दीपशिखा पाठक , विजया ओझा, संतोषी, समीर पाण्डेय और संस्था के कई प्रतिनिधियों ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की सहित अनेक शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें।