जर्जर सुजौली-हरखापुर मार्ग व टूटी त्रिमोहनी पुलिया से कटा दर्जनों गांवों का संपर्क: आक्रोशित ग्रामीणों ने दी आंदोलन और आगामी चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी

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बहराइच ( मिहींपुरवा )l सुजौली-हरखापुर संपर्क मार्ग की स्थिति लगातार उपेक्षा के कारण अत्यंत बद से बदतर हो चुकी है, जिसके अंतर्गत त्रिमोहनी के पास स्थित पुलिया पिछले लगभग 15 वर्षों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। इस त्रिमोहनी पुलिया के ध्वस्त होने की वजह से बरसात के दिनों में जलभराव के कारण यह पूरा रास्ता जलमग्न होकर एक बड़े तालाब का रूप धारण कर लेता है, जिसके फलस्वरूप मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है और सुजौली से हरखापुर होते हुए दर्जनों आसपास के गांवों का परस्पर संपर्क मुख्य धारा से बिल्कुल कट जाता है। सड़क एवं पुलिया की इस दुर्दशा के कारण प्रतिदिन गुजरने वाले स्कूली बच्चों, आपातकालीन स्थिति के मरीजों और दैनिक मजदूरी पर निर्भर आम नागरिकों को आवाजाही में बेहद कष्टप्रद व जोखिमभरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि इस गंभीर जनसमस्या के स्थाई समाधान हेतु क्षेत्र के निवासियों ने काफी समय से संघर्ष करते हुए स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया था; इसी क्रम में 07 मार्च 2026 को आयोजित तहसील दिवस के दौरान ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों को औपचारिक ज्ञापन भी सौंपा था,read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteजिस पर अधिकारियों ने पूरे क्षेत्रवासियों को स्पष्ट रूप से आश्वस्त करते हुए एक महीने के भीतर क्षतिग्रस्त त्रिमोहनी पुलिया तथा सुजौली-हरखापुर मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराने का ठोस समय माँगा था। हालांकि, निर्धारित समयसीमा समाप्त हो जाने के बावजूद न तो सड़क का सुधारीकरण हुआ और न ही पुलिया का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सका, जिससे प्रशासनिक लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की इस वादाखिलाफी से स्थानीय ग्रामीणों में अत्यंत गहरा रोष व्याप्त हो गया है। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को एक जुट होकर यह कड़ा निर्णय लिया कि यदि शीघ्र ही इस महत्वपूर्ण मार्ग व त्रिमोहनी पुलिया का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर शुरू नहीं कराया जाता, तो वे बिना किसी देरी के सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। इसके साथ ही हर बार चुनाव के समय झूठे वादे किए जाने से तंग आकर समस्त ग्रामवासियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी जारी की है कि ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के सिद्धांत पर अमल करते हुए वे आने वाले आगामी चुनाव में पूरी तरह से मतदान का बहिष्कार करेंगे तथा जनप्रतिनिधियों व शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस मौके पर सुजौली – हरखापुर ग्रामीण क्रांति कुमार मिश्रा, सुधीर शुक्ला, राधेश्याम, कृष्णा पाण्डेय, मिथिलेश कुमार, श्यामकरन चौहान, जसवंत प्रजापति, छेद्दू, राम गोपाल यादव आदि मौजूद रहें।

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