बहराइच। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गुरुवार सुबह विकास भवन पहुंचकर विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जिला विकास अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए कार्यालय समेत विभिन्न कार्यालयों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी समेत पांच कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने और मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी समय से कार्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करें।अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण में उन्होंने पत्रावलियों के रख-रखाव को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।raed more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए परियोजनावार नोडल अधिकारी नामित करने और नियमित समीक्षा कराने को कहा। लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।डीएम ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदारी तय कर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ, डीडीओ, डीसी मनरेगा और सभी बीडीओ को ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त एवं 15वें वित्त के कार्यों में तेजी लाने तथा नए कार्यों की स्वीकृति समय से कराने के निर्देश दिए।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सड़क मार्गों पर निराश्रित गोवंश न दिखाई देने के लिए प्रभावी टीम गठित कर नियमित अभियान चलाने को कहा। कैटल कैचर से गोवंशों को पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित करने तथा मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत पात्र किसानों को गोवंश सुपुर्द करने के निर्देश दिए।वहीं, विकास भवन में अग्निशमन उपकरणों की वैधता अवधि समाप्त मिलने पर डीएम ने तत्काल पुराने उपकरण हटाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप नए उपकरण लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।