म्योरपुर, सोनभद्र। 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (एनसीडब्ल्यूए-12) को शीघ्र लागू कराने और जेबीसीसीआई की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर कोल फील्ड लेबर यूनियन (सीटू) ने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि वेतन समझौते में और देरी हुई तो केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
रविवार को खड़िया परियोजना स्थित वर्कर्स क्लब में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता और एआईसीडब्ल्यूएफ के महासचिव एवं जेबीसीसीआई सदस्य डी. डी. रामानंदन ने कहा कि 11वां राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 30 जून को समाप्त हो चुका है, लेकिन अब तक कोल इंडिया प्रबंधन ने जेबीसीसीआई की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। यह कोयला श्रमिकों के हितों की अनदेखी है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।read more:https://pahaltoday.com/star-hospital-is-proving-to-be-a-boon-for-poor-and-helpless-patients/ उन्होंने कहा कि श्रमिकों की एकता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। सीटू जल्द ही चेकऑफ सिस्टम में शामिल होने जा रहा है, जिससे एनसीएल के अधिक से अधिक श्रमिक संगठन से जुड़ेंगे। इससे श्रमिकों की समस्याओं, मांगों और अधिकारों को प्रबंधन एवं नीति-निर्धारण के सभी मंचों पर और मजबूती से उठाया जा सकेगा। सम्मेलन में कोल फील्ड लेबर यूनियन (सीटू) के अध्यक्ष एस. पी. सिंह, महासचिव पी. एस. पाण्डेय सहित विभिन्न परियोजनाओं के अध्यक्ष, सचिव और बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने श्रमिकों से संगठन को मजबूत बनाने और अपने अधिकारों की लड़ाई में एकजुट रहने का आह्वान किया।